इस ‘वर्ल्ड हार्ट डे’ पर, मैं आपका ध्यान एक ऐसी बीमारी की ओर खींचना चाहता हूँ जो तेज़ी से बढ़ रही है, लेकिन अक्सर लोग इसे ठीक से समझ नहीं पाते — हार्ट फेलियर (Heart Failure) I
हार्ट फेलियर का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि दिल ने काम करना बंद कर दिया है। इसका सीधा सा मतलब है कि दिल शरीर की ज़रूरतों के हिसाब से सही तरीके से खून को पंप नहीं कर पा रहा है, या फिर उसे ऐसा करने के लिए ज़रूरत से ज़्यादा ज़ोर लगाना पड़ रहा है।
अच्छी बात यह है कि अगर समय पर बीमारी की पहचान हो जाए और सही इलाज मिले, तो हार्ट फेलियर से जूझ रहे लोग भी एक लंबा, सक्रिय और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।
चेतावनी के इन संकेतों को पहचानें
शरीर के इन बदलावों को कभी नज़रअंदाज़ न करें:
- पैदल चलने या सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना — खासकर अगर यह परेशानी पहले से बढ़ रही हो
- सीधे लेटते समय सांस लेने में तकलीफ होना या रात को अचानक घबराहट और सांस फूलने से नींद खुल जाना
- पैरों, पंजों या टखनों में सूजन आ जाना
- कुछ ही दिनों में बिना किसी साफ़ वजह के अचानक वज़न बढ़ना
- हर समय बहुत ज़्यादा थकान और कमज़ोरी लगना, या रोज़मर्रा के छोटे कामों में भी दम फूलना
- लगातार खांसी बने रहना, खासकर जब आप बिस्तर पर लेटते हैं
- दिल की धड़कन का बहुत तेज़ या अनियमित चलना
- भूख कम लगना या ज़रा सा खाते ही पेट भारी लगना
जरूरी नहीं कि ये सारे लक्षण सिर्फ हार्ट फेलियर के ही हों, लेकिन डॉक्टर से जांच कराना बेहद ज़रूरी है — खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें डायबिटीज, हाई बीपी (ब्लड प्रेशर), पहले कभी हार्ट अटैक आया हो, या दिल से जुड़ी कोई अन्य समस्या रही हो।
दिल को सुरक्षित रखने के 8 आसान नियम
अपनी सेहत के नंबरों को जानें
अपना ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल समय-समय पर चेक कराते रहें। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, या अगर परिवार में किसी को दिल की बीमारी रही हो, तो ये जांचें और भी ज़रूरी हो जाती हैं।
सीने की तकलीफ को कभी हल्के में न लें
सीने में भारीपन, दबाव, जलन या दर्द — और साथ में पसीना आना, जी मिचलाना, सांस फूलना या दर्द का कंधे, बांह, पीठ या जबड़े तक फैलना हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है।
इमरजेंसी में ज़रा भी देर न करें
अगर अचानक सीने में तेज़ दर्द हो, सांस बहुत ज़्यादा अटके या चक्कर खाकर बेहोशी आ जाए, तो फौरन इमरजेंसी मदद लें या अस्पताल पहुंचें। ऐसी हालत में कभी भी खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने की कोशिश न करें।
डॉक्टर की दी हुई दवाइयां समय पर लें
अगर आपको दिल की बीमारी या हार्ट फेलियर है, तो ‘अब मैं ठीक महसूस कर रहा हूँ’ सोचकर कभी भी दवा बंद न करें और न ही खुराक बदलें। अगर कोई दिक्कत लगे, तो पहले अपने डॉक्टर से बात करें।
रोज़ाना थोड़ा एक्टिव रहें
रोज़ हल्का व्यायाम या टहलना दिल की सेहत के लिए सबसे बेहतरीन दवा है। अगर आपको पहले से दिल की बीमारी है, तो अपने डॉक्टर से पूछ लें कि आपके लिए किस तरह की कसरत सुरक्षित है।
दिल के लिए सही खाना चुनें
ताज़ा खाना, हरी सब्जियां, फल, दालें और साबुत अनाज खाएं। बहुत ज़्यादा नमक, बाहर का तला-भुना खाना, पैकेटबंद चीजें और ज़्यादा मीठे से जितना हो सके परहेज़ करें। तंबाकू और बीड़ी-सिगरेट से दूरी बनाएं धूम्रपान और तंबाकू का सेवन दिल के लिए बेहद नुकसानदेह है। इसे छोड़ देने में ही भलाई है, और इसे छोड़ने के लिए कभी देर नहीं होती।
बिना डॉक्टर से पूछे दवाएं न लें
अक्सर लोग ज़रा से दर्द में कोई भी पेनकिलर (दर्द की दवा) खा लेते हैं। बिना सलाह ली गई दवाएं शरीर में पानी रोक सकती हैं और किडनी या ब्लड प्रेशर पर बुरा असर डाल सकती हैं। कोई भी नई दवा या सप्लीमेंट लेने से पहले हमेशा डॉक्टर से राय लें।
एक सबसे ज़रूरी बात हार्ट फेलियर ज़िंदगी का अंत नहीं है।
आज आधुनिक चिकित्सा और बेहतर इलाज के ज़रिये लक्षणों को बहुत हद तक काबू किया जा सकता है, अस्पताल में भर्ती होने की नौबत को टाला जा सकता है और एक सामान्य जीवन जिया जा सकता है।
बस ज़रूरत है तो सही समय पर लक्षणों को पहचानने की, डॉक्टर की सलाह मानने की, दवाइयां नियम से लेने की और अपनी जीवनशैली को बेहतर बनाने की।
आइए, इस वर्ल्ड हार्ट डे पर हम सिर्फ अपने दिल की सलामती की कामना न करें, बल्कि उसकी सुनें, उसकी हिफाज़त करें और ज़रूरत पड़ने पर सही वक्त पर मदद लें। आप सभी को एक स्वस्थ दिल और तंदुरुस्त जीवन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं!
डॉ. जगदीश जे. हिरेमठ
कार्डियक एनेस्थिसियोलॉजी | पेरिऑपरेटिव मेडिसिन | कार्डियक फेलियर एवं क्रिटिकल केयर
